रामनरेश त्रिपाठी (काव्य-खण्ड)

निर्भय स्वागत करो मृत्यु का,मृत्यु एक है विश्राम स्थल।जीव जहां से फिर चलता है,धारण कर नव जीवन संबल।मृत्यु एक सरिता …

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कैप्शन के लिए मोटिवेशनल कविताएं | Motivational Poems in Hindi

आज मैंने सूर्य से बस ज़रा सा यूं कहा:‘‘आपके साम्राज्य में इतना अंधेरा क्यूं रहा?’’तमतमा कर वह दहाड़ा— ‘‘मैं अकेला …

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