कैप्शन के लिए मोटिवेशनल कविताएं | Motivational Poems in Hindi

आज मैंने सूर्य से बस ज़रा सा यूं कहा:
‘‘आपके साम्राज्य में इतना अंधेरा क्यूं रहा?’’
तमतमा कर वह दहाड़ा— ‘‘मैं अकेला क्या करं?
तुम निकम्मों के लिए मैं ही भला कब तक मरूं?
आकाश की आराधना के चक्करों में मत पड़ो
संग्राम यह घनघोर है, कुछ मैं लड़ूं कुछ तुम लड़ो.’’
— बालकवि बैरागी जी

जो कुटिलता से जिएंगे
हक पराया मारकर
छलछंद से छीना हुआ
अमृत अगर मिल भी गया तो
आप उसका पान करके
उम्र भर फिर क्या करेंगे?
— बालकवि बैरागी जी

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